राजस्थान से मध्यप्रदेश ट्रेन से पहुंचना होगा आसान, कम समय में हो पायेगी यात्रा, सफल हुआ ट्रायल

New Railway Line : एमपी और राजस्थान राज्य इस परियोजना में शामिल हैं, साथ ही भोपाल, सीहोर, राजगढ़, झालावाड़ और कोटा भी इससे जुड़े हुए हैं। यह लाइन माल और यात्री दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी क्योंकि यह रेल कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा और यात्रा समय में तीन घंटे की बचत करेगा।
 

Rajasthan News : पश्चिम वृत्त के रेल संरक्षा आयुक्त मनोज अरोरा ने भोपाल-रामगंज मंडी नई रेलवे लाइन परियोजना के संत हिरदाराम नगर-जरखेड़ा सेक्शन का कमीशनिंग करने के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर स्पीड ट्रायल लिया। नई भोपाल-रामगंज मंडी रेल परियोजना, जो 276 किलोमीटर लंबी है, 3,035 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी। इस परियोजना में भोपाल से ब्यावरा तक 111 किलोमीटर का क्षेत्र भोपाल मंडल में आता है, जबकि बाकी हिस्सा कोटा मंडल में आता है। संत हिरदाराम नगर से निशातपुरा डी केबिन तक वर्तमान में ट्रेन चलती है।

संत हिरदाराम नगरजर खेड़ा सेक्शन 21 किमी है। सीआरएस मनोज अरोडा ने झरखेड़ा स्टेशन यार्ड का पूर्ण परीक्षण किया और ट्रायल से पहले मोटर ट्राली को देखा। मुख्य सुरक्षा आयुख्त ने इसके बाद संत हिरदाराम नगर-जरखेड़ा सेक्शन में अधिकतम 120 किमी/घंटा की गति से स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया। इस निरीक्षण में डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

नई लाइन परियोजना की मुख्य विशेषताएं

- एमपी और राजस्थान राज्य इस परियोजना में शामिल हैं, साथ ही भोपाल, सीहोर, राजगढ़, झालावाड़ और कोटा भी इससे जुड़े हुए हैं। यह लाइन माल और यात्री दोनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी क्योंकि यह रेल कनेक्टिविटी को बेहतर करेगा और यात्रा समय में तीन घंटे की बचत करेगा।

- काली सिंध थर्मल पावर प्लांट, जो राजस्थान में झालावाड़ में बनाया जाएगा, कोयले की आवागमन लागत कम होगी।

- यह नया रास्ता ब्यावरा-झालावाड़ मार्ग से 42 किमी छोटा होगा, जिससे ईंधन और समय बचेगा। यात्रियों को घाटोली स्टेशन के पास स्थित केलकेरा मंदिर तक आसानी से पहुंच मिलेगी।

- भोपाल मंडल में 111 किलोमीटर की रेल लाइन और बारह स्टेशनों का निर्माण करने के लिए 1,255 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। परियोजना का लक्ष्य दिसंबर 2027 तक पूरा होना है।