बिहार में बनेगा नया ग्रीनफील्ड 4 लेन का एक्सप्रेसवे, इन 5 जिलों में आएगी ख़ुशहाली

New Greenfield Expressway : सड़क निर्माण दो पैकेज में होना है। पहले पैकेज में सासाराम से आरा की दूरी लगभग 75 किलोमीटर होगी। दूसरे प्रस्ताव में आरा से पटना के बीच लगभग 45 किलोमीटर की सड़क बनाई जाएगी। इसके लिए 760 करोड़ से 550 हेक्टेयर जमीन मिलनी चाहिए। वहीं, सोन नदी पर लगभग तीन किलोमीटर लंबे फोरलेन पुल भी बनाया जाएगा। भारत सरकार ने इस सड़क को एनएच 119ए का दर्जा दिया है।
 

Bihar News : ग्रीनफील्ड फोरलेन एक्सप्रेस-वे का निर्माण बिहार की राजधानी पटना से भोजपुर और सासाराम तक जल्द ही शुरू होगा। इसका निर्माण केंद्रीय वित्त कमेटी की सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (पीपीपीएसी) से मंजूरी मिलते ही शुरू किया जाएगा। निर्माण के लिए धन 2024-25 वित्तीय वर्ष की समाप्ति के पहले ही मिलने की उम्मीद है। मार्च महीने में इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण की अनुमति कमेटी से मिलेगी। तीन सौ करोड़ रुपये की लागत से 120 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड (नई सड़क) फोरलेन का निर्माण होना है, जिससे पांच जिलों के लोगों को लाभ होगा।

पटना से सासाराम जाने में होगी, सुविधा

पटना-आरा-सासाराम एनएच-119ए के निर्माण के लिए सोन नदी पर फोरलेन पुल बनाया जाएगा। यह मार्ग आरा शहर से गुजरेगा। भोजपुर के दक्षिण भाग से पटना जाने वाले वाहन बिना आरा शहर से गुजरे ही पटना पहुंचेंगे। वहीं, पटना से सासाराम तक पहुंचने में समय बचेगा।

पटना के सदीसोपुर के समीप से शुरू होगा, एक्सप्रेस-वे

यह एक्सप्रेस-वे पटना के कन्हौली से लगभग 3 किलोमीटर दूर सदीसोपुर के समीप एनएच-131जी से शुरू होना है। पटना के घोड़ाटाप के निकट सोन नदी के ऊपर पुल बनाया जाएगा। यह सोन नदी के पश्चिम से आरा के असनी गड़हनी में दक्षिण से सासाराम के आगे सुअर होते हुए एनएच-19 यानी वाराणसी जाने वाली सड़क से जुड़ेगा।

पांच जिलों को होगी सुविधा

पटना से आरा तक सड़क बनाने से पटना, अरवल, भोजपुर, रोहतास और सासाराम की सड़कें जुड़ जाएंगी।  वहीं नौबतपुर, अरवल, सहार, पीरो, हसन बाजार, संझौली और नोखा के लोगों को लाभ होगा।  पटना से भोजपुर, अरवल, रोहतास और सासाराम होते हुए वाराणसी जाने में भी आसानी होगी।

सड़क निर्माण दो पैकेज में होना है। पहले पैकेज में सासाराम से आरा की दूरी लगभग 75 किलोमीटर होगी। दूसरे प्रस्ताव में आरा से पटना के बीच लगभग 45 किलोमीटर की सड़क बनाई जाएगी। इसके लिए 760 करोड़ से 550 हेक्टेयर जमीन मिलनी चाहिए। वहीं, सोन नदी पर लगभग तीन किलोमीटर लंबे फोरलेन पुल भी बनाया जाएगा। भारत सरकार ने इस सड़क को एनएच 119ए का दर्जा दिया है।